प्रख्यात कवि स्वर्गीय सैयद मेंहदी रज़ा के पुत्र सैयद फ़ज़ील ने 10 वीं रैंक हासिल की

तालिब ज़ैदी

मुज़फ़्फ़रपुर-मुहम्मदपुर मुबारक गांव के निवासी सैयद फ़ज़ील मोहसिन ने हिंदुस्तान के प्रख्यात मेडीकल एंट्रेंस एग्जाम जीपमर (jawaharlal institute of post graduate medical education and research) में AIR 10 लाकर अपने शहर का नाम गौरान्वित किया है।फ़ज़ील ने jipmer के साथ साथ jee mains में AIR 3822 और NEET में 648 रैंक हासिल किया है।उन्हें उम्मीद है कि वो AIIMS की परीक्षा में भी अच्छी रैंक हासिल करेंगे। AIIMS का रिजल्ट अभी आना बाकी है।


फ़ाज़िल हमेशा से एक मेहनती छात्र रहा है।वो सातवीं कक्षा में होली मिशन स्कूल में थे जब उनके पिता का देहांत हो गया था।उन्होंने अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई सनशाइन स्कूल से की।कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अच्छे अंको से दसवीं पास किया औऱ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की इंटरमीडिएट एडमिशन का एंट्रेंस टेस्ट निकाला।


वो अपनी सफलता का क्रेडिट अपने पिता श्री सैयद मेहदी रज़ा के कैरेक्टर और अपने माता श्री रिफत वसीया के परवरिश को,एवं अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के सपोर्ट को देते हैं,specially अपने चाचा श्री सैयद मुज़फ्फर रज़ा जिन्होंने उनके पिता के देहांत के बाद ये निश्चित किया कि उनकी पढ़ाई लिखाई में कोई कमी न आ सके।वो बताते हैं कि उनके पिता गरीबों के बहुत ही हमदर्द थे और काफी साधारण जीवन व्यतीत करते थे।वो भी ये आशा करते हैं कि उन्ही सिद्धांतों पर जीना चाहते हैं और इंसानियत और देश की सेवा करना चाहते हैं।वह अपने स्वर्गीय पिता श्री सैयद मेहंदी रजा के कहे हुए शेर 

" रहे मसदूत का इस दर्जा भी ग़म क्या मानी। 

,, पांव अपने जो सलामत हैं तो रस्ते हैं बहुत।।

पढ़कर भावुक हो जाते हैं।

ज़िला न्यूज़ डाट काम की टीम की ओर से सैयद फजील मोहसिन को उनकी इस अपार सफलता के लिये हार्दिक बधाई।

वहीं शिया जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद हसन मेंहदी साहब एंव प्रसिद्ध धर्मगुरू व जामिया इमाम जाफर सादिक़ (अ.स.) जौनपुर के मुदीर मौलाना सैयद सफदर हुसैन ज़ैदी ने फजील मोहसिन की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दुआयें दी है।


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