बहुत दुःख की बात है कि आज साहित्य हाशिए पर जा चुका है | डॉ अजय सिंह

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जौनपुर। भारत के श्रेष्‍ठ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म मातृभारती और क़ैस जौनपुरी की सामाजिक पहल "आओ कहें दिल की बात" का कहानी-कविता स्पेशल का आयोजन हिन्दी भवन में मशहूर लेखक अजय सिंह की अध्यक्षता में हुआ | डॉ अजय सिंह जी ने कहा, "बहुत दुःख की बात है कि आज साहित्य हाशिए पर जा चुका है\




मुख्य अतिथि एस. एम. मासूम ने सबसे पहले इन संस्थाओं मातृभारती और "आओ कहें दिल की बात" को धन्यवाद कहा कि, "मातृभारती भारत के श्रेष्‍ठ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में से एक है, जो भारतीय भाषाओं में साहित्य लिखने और पढ़ने वालों के लिए कुम्भ मेले जैसा है. भारतीय लेखकों और पाठकों को एक स्थान पे जोड़ना मातृभारती मक़सद है। इसी के साथ-साथ "आओ कहें दिल की बात" एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ जनता को मौक़ा दिया जाता है कि वो मंच से अपने दिल की बात कह सकें|  एस. एम. मासूम ने कहा, वे एक जौहरी हैं और जौनपुर के प्रतिभारूपी हीरे को तराश करके, उसे चमका के विश्व के सामने पेश करने के लिए काम किया करते हैं और उन्हें आशा है की यह मंच उनके इस काम में सहायक होगा | इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथी  डॉ पी सी विश्वकर्मा जिन्हें प्रेम जौनपुरी आकर्षक का केंद्र रहे और अपने नए नए लेखको का उत्साह बढाते रहे और मुख्य अतिथी इतिहासकार ब्लॉगर एस एम् मासूम की जौनपुर की तरक्की के काम की सराहना की और बताया की कैसे उनकी कोशिशों के कारण आज पूरा विश्व उन्हें पहचानता है  | विशिष्ट अतिथि समाजसेवक आरिफ हबीब ने इस बात की ख़ुशी जताई की इस कार्यक्रम में उनको भी अवसर दिया जा रहा है जो अभी कविता कहानियाँ लिखे की शुरुआत कर रहे हैं | विशिष्ट अतिथी सीमा सिंह जो एड्स से जुड़ के काम करती हैं उन्होने इस शुरुआत को सराहा और आशा जताई की ऐसे कार्यक्रम आगे भी होते रहेगे और उन्होंने एस एम् मासूम से अनुरोध किया की कभी एड्स पे भी कोई कार्क्रम करें जिससे जौनपुर के लोग जागरूक हो सकें |





इस आयोजन का मुख्य केंद्र यहाँ आये हुए लोग थे जो आये तो श्रोता की तरह थे लेकिन उन्हें मंच मिला जहाँ से उन्होंने अपनी कवितायेँ-कहानियाँ इत्यादि पेश कीं जिसे इन संस्थाओं की वेबसाइट और चैनल से वे भी सुन सकेंगे जो यहाँ उपस्थित नहीं थे | जिन लोगों की रचना को मत्रभारती से बेहतरीन रचनाओं में सम्मिलित किया था उन्होंने मंच पे आ के अपनी  अपनी कविताओं को सुनाया जिनमे सीमा सिंह, पी. सी. विश्वकर्मा, राजीव पाण्डेय, कुसुम चन्द्रशेखर सिंह, विशाल चौबे 'अज्ञात', गिरीश कुमार श्रीवास्तव 'गिरीश', राजेश कुमार पाण्डेय, अमृत प्रकाश, आदित्य प्रकाश भारद्वाज, आलम ग़ाज़ीपुरी इत्यादि शामिल रहे  |  श्रोताओं में हुसैनी फोरम के संयोजक  समाजसेवक खान इकबाल मधु ने इस बात की ख़ुशी ज़ाहिर की कि आज जौनपुर में ऐसे साहित्य से जुड़े कार्क्रम होने लगे हैं जिनका मकसद साहित्यकारों को एक प्लातेफ़ोर्म देना है |



इसी के साथ साथ  इस कार्यक्रम में हर छोटे बड़े साहित्य से जुड़े लोगों को मंच से बोलने का अवसर दिया गया जिनमे डॉ अजय सिंह, डॉ पी सी विश्वकर्मा , डॉ अख्तर सईद , ,डॉ प्रमोद वाचस्पति ,ओम प्रकाश सिंह ,शालिनी सिंह , विभा तिवारी ,निकिता सिह  ,कारी ज़िया जौनपुरी , ओ पी खरे, आशुतोष पाल, अनुभव मिश्रा ,अशोक मिश्रा ,रंजीत मिश्र , डॉ धीरेन्द्र पटेल, अजय विक्रम सिह, जनार्दन अस्थाना , डॉ सईद  अंसारी मसीहा जौनपुरी, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव हरीश,नन्दलाल समीर ,रमेश चद्र  आशिक जौनपुरी ,अकील जौनपुरी ,असीम मछली शहरी इत्यादी लोगों ने अपनी अपनी रचनाएं पेश की |



अंत में इस कार्यक्रम में आये हुए २०० से से अधिक गणमान्य साहित्यका से जुड़े  लोगों के प्रति आभार  आयोजक क़ैस जौनपुरी ने  ज्ञापित किया   और यह भरोसा दिलाया कि आगे भी जौनपुर में अपनी  संस्था आओ कहें  मन की बात के कार्यक्रम जौनपुर वालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करते रहेंगे।



इस अवसर पर जौनपुर के मशहूर साहित्यकार और साहित्य में रूचि रखने वाले  गणमान्य लोग और कई संस्थाओं से जुड़े लोग जैसे नूरुल हसन सोसाइटी के अली मंज़र डेजी , हुसैनी फोरम के मुस्लिम हीरा ,डॉ अजय सिंह, डॉ पी सी विश्वकर्मा , डॉ अख्तर सईद , ,डॉ प्रमोद वाचस्पति ,ओम प्रकाश सिंह ,शालिनी सिंह , विभा तिवारी ,निकिता सिह  ,कारी ज़िया जौनपुरी , ओ पी खरे, आशुतोष पाल, अनुभव मिश्रा ,अशोक मिश्रा ,रंजीत मिश्र , डॉ धीरेन्द्र पटेल, अजय विक्रम सिह, जनार्दन अस्थाना , डॉ सईद  अंसारी मसीहा जौनपुरी, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव हरीश,नन्दलाल समीर ,रमेश चद्र  आशिक जौनपुरी ,अकील जौनपुरी ,असीम मछली शहरी इत्यादी उपस्थित रहे। 
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देशवासियों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं(आजम खान एडवोकेट )

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देशवासियों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं(आजम खान एडवोकेट )

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ब्लू व्हेल की मास्टरमाइंड लड़की अरेस्ट

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नई दिल्ली: ब्लू व्हेल नाम की ऑनलाइन खूनी गेम के पीछे की मास्टरमाइंड का पर्दाफाश हो चुका है। रशियन पुलिस ने एक 17 साल की लड़की को गिरफ्तार किया है जो गेम की एडमिनिस्ट्रेटिव है। वह अपनी धमकियों से और डर दिखाकर लोगों को अपनी जान लेने पर मजबूर कर देती थी।
आरोपी लड़की गेम बीच में छोड़ने वालों को जान से मारने की धमकी और उनके परिवार की हत्या करने जैसी धमकियां देकर मासूमों को खुदकुशी करने के लिए प्रेरित करती थी।
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ट्रेन की चपेट में आयी बाघिन,हुई मौत

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बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच में कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के बीच स्थित बिछिया रेलवे स्टेशन के पास एक मादा बाघ की ट्रेन से कट कर मृत्यु हो गई।
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि रेलवे ट्रैक के गेट नंबर 95 से 200 मीटर की दूरी पर रात में मैलानी से बहराइच आ रही ट्रेन की चपेट में आकर करीब 2 वर्षीय मादा टाइगर की मृत्यु हो गई। बिछिया रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर राजेश मीना ने बताया कि उन्हें मादा टाइगर के मौत की खबर सुबह ग्रामीणों से मिली जिसकी जानकारी उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस दी।
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गोरखपुर ट्रेजडी:डॉक्टर कफील पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई

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गोरखपुर: कल तक मीडिय़ा के आंखों का तारा बने रहे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इन्सेफेलाइटिस वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर कफील पर योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। डॉक्टर कफील खान को उनके पद से हटा दिया गया है। डॉक्टर कफील बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग के अध्यक्ष थे। वह नीओनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) के प्रमुख थे। उनकी जगह पर डॉक्टर महेश शर्मा को एनआईसीयू का नया प्रमुख बनाया गया है। डॉक्टर खान पर यह कार्रवाई सीएम योगी के बीआरडी अस्पताल के दौरे के बाद की गई है।
बता दें कि बीआरडी अस्पताल में पिछले 5 दिनों में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अस्पताल का दौरा किया। सीएम ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम के दौरे के बाद डॉक्टर कफील खान पर कार्रवाई की गई। डॉक्टर खान पर मेडिकल कॉलेज से छुट्टी लेकर प्राइवेट अस्पताल चलाने सहित कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। डॉक्टर कफील उस समय सुर्खियों में आए जब ऑक्सिजन की कमी के वक्त खुद अपनी गाड़ी से अपने दोस्तों और निजी अस्पतालों से ऑक्सिजन सिलिंडर लेकर बीआरडी अस्पताल लाए।
इससे पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर राजीव मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। अंबेडकर नगर के राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा डॉक्टर भूपेंद्र शर्मा को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग का नया नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। 
बीआरडी अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी के चलते हुई बच्चों की मौत के मामले में आलोचना का सामना कर रहे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अस्पताल का दौरा किया। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी थे। अस्पताल के दौरे के बाद योगी ने कहा है कि सरकार की ओर से इस मामले में कोई लापरवाही नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि बच्चों की मौत ऑक्सिजन की कमी के चलते नहीं हुई। योगी मीडिया से बात करते हुए भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस के खिलाफ उन्होंने सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी है। मृतक बच्चों पर उनकी पीड़ा को कोई समझ नहीं सकता। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बच्चों की मौत पर सियासत की नहीं, संवेदना की जरूरत है।
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सीएम योगी के गृहनगर में 30 बच्चों की दर्दनाक मौत, आखिर जिम्मेदार कौन?

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गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज में 30 बच्चों की मौत से कोहराम मच गया है। यहां के  बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई ठप होने से 30 मासूम मौत की आगोश में समा गए। बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने पर ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी। इसके बाद इंफलाईटिस बुखार से पीड़ित 30 बच्चों की मौत हो गई। 

सरकार के दावे की खुली पोल
इस घटना से बड़बोली बीजेपी और योगी आदित्यनाथ की पोल खुल गई है। साफ है कि योगी सरकार के दावे तो बड़े-बड़े हैं लेकिन इस सरकार और इसके अमलों के पास ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के 69 लाख रुपए सही वक्त पर चुकाने का वक्त नहीं है। सबसे खास बात दो दिन पहले ही इस अस्पताल में सीएम योगी जी पधारे थे और बड़े-बड़े ऐलान भी किए थे। लेकिन क्या योगी जी ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के लिए 69 लाख रुपए के भुगतान का इंतजाम नहीं कर पाए? क्या योगी आदित्यनाथ ये भूल गए कि ऐसा करके उन्होंने इंसानी जानों को खतरे में डाल दिया था? योगी सरकार और अस्पताल प्रशासन की भारी लापरवाही की कीमत उन परिवारों को चुकानी पड़ी है जिनके बच्चे ऑक्सीजन बंद होने से छटपटा कर काल के गाल में समा गए। इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
ऑक्सीजन सप्लायर कंपनी ने कॉलेज प्रिंसिपल को ठहराया दोषी
हॉस्पिटल को ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स के यूपी डीलर मनीष भंडारी ने ने कहा, ‘मेडिकल कॉलेज पर हमारा 83 लाख रुपए ड्यू है। आज (शुक्रवार) 22 लाख का पेमेंट मिला। कल (शनिवार को) 40 लाख और मिलेगा। राजस्थान से एक ट्रक लिक्विड ऑक्सीजन भेजा गया है। ये आज रात पहुंच जाएगा। मामले में कॉलेज प्रिंसिपल राजीव मिश्रा दोषी हैं। उन्होंने पेमेंट रोक रखा था।’ ‘6 महीने से पेमेंट नहीं मिला था। लड़के जाते थे तो दिन भर खड़े रहते थे लेकिन प्रिंसिपल उनसे नहीं मिलते थे। 3 साल पहले कांट्रैक्ट हुआ था, लेकिन कभी पेमेंट नहीं रुका। इस बार 6 महीने से भुगतान रुका हुआ है।’ 
बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन?
हो सकता है कि योगी सरकार और उसके बड़बोले मंत्री अपनी इमेज बचाने के लिए कुतर्क करें लेकिन उन परिवारों को चैन कैसे मिलेगा जिनके घर के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए हैं। इस हादसे ने योगी सरकार की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। लगता है योगी सरकार का इकबाल खत्म होता जा रहा है। अब एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर इस बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है?
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यूपी में किस्तों पर मिलेंगे बिजली कनेक्शन: 75 रूपए महीना दो, कनेक्शन लो

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लखनऊ:
 उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की जनता को न्यूनतम 75 रूपए महीने की किस्त पर आसानी से बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने एक बातचीत में कहा कि हम दिन रात इसी कोशिश में लगे हैं कि बिजली को लेकर समस्याओं का समाधान कैसे हो और बिजली को उपभोक्ता फ्रेंडली कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हम गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने जा रहे हैं।
शर्मा ने बताया कि इसके अलावा योगी आदित्यनाथ सरकार ने गांव और शहर की बाकी जनता के लिए और एक बड़ा फैसला किया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में एक किलोवाट क्षमता वाले मीटर के लिए 80 रूपए लेकर बिजली कनेक्शन दे दिया जाएगा। बकाया भुगतान 75 रूपए की आसान मासिक किस्तों में 16 महीने में लिया जाएगा। शर्मा ने कहा कि अगर गांव में किसी को 5 किलोवाट का कनेक्शन लेना है तो 1100 रूपए का आरंभिक भुगतान देना होगा जबकि 375 रूपए मासिक किस्त चुकानी होगी। कुल 16 महीनों में ही किस्त पूरी हो जाएगी। इन बिजली कनेक्शनों में तारे सरकार की आेर से मुहैया नहीं कराई जाएगी। अगर केबल की व्यवस्था सरकार करती है तो भी किस्तों की रकम मामूली है।
शर्मा ने बताया कि बात शहरी क्षेत्र की जनता की करें तो एक किलोवाट क्षमता का कनेक्शन मात्र 155 रूपए के आरंभिक भुगतान से मिल जाएगा और उसके बाद 100 रूपए की मासिक किस्त अदा करनी होगी। कुल 16 महीने तक यह किस्त देय होगी। इस कनेक्शन में बिजली का तार सरकार की आेर से मुहैया नहीं कराया जाएगा।  उन्होंने बताया कि शहर में अगर यही कनेक्शन अनआर्मर्ड केबल सहित दिया जाए तो प्रारंभिक भुगतान 255 रूपए होगा और बाकी 18 किस्तों में 110 रूपए का मासिक भुगतान करना होगा। यानी लगभग 30 मीटर तार की कीमत 480 रूपए भी उपभोक्ता से ली जाएगी। यह रकम प्रारंभिक भुगतान और किस्तों में जुड़ी रहेगी।
शर्मा ने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का ही कनेक्शन यदि 30 मीटर आर्मर्ड केबल के जरिए लिया जाए तो 1200 रूपए केबल का मूल्य होगा। प्रारंभिक भुगतान 255 रूपए का होगा और 150 रूपए की मासिक किस्त देनी होगी जो 18 महीने तक चुकानी होगी। शर्मा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में आम लोगों को 5 किलोवाट क्षमता का बिजली कनेक्शन देने में 1100 रूपए का आरंभिक भुगतान करना होगा और 375 रूपए की मासिक किस्त होगी जो 16 महीने में देय होगी।
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अखिलेश का योगी पर तंज, कहा- मुख्यमंत्री जी, अब तक कितने अपराधियों ने छोड़ा प्रदेश

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी पर नया तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने के बजाय मंत्रोंं का जाप करती है। अखिलेश ने सीएम योगी से पूछा कि मुख्यमंत्री जी, अब तक कितने अपराधियों ने प्रदेश छोड़ा? कितने जेल गए और कितने भू-माफिया पकड़े गए?
पार्टी कार्यकर्त्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की जीएसटी को बड़े उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सच्चाई सामने आ रही है। इन्होंने नोटबंदी और जीएसटी से आम आदमी के जीवन को कठिन बना दिया है। जीएसटी से सिर्फ बड़े उद्योगपतियों को ही फायदा होगा।  उन्होंने कहा कि  राज्य सरकार 6 फीसदी के विकास दर की बात कर रही है। लेकिन वो अगर मुस्लिम समुदाय की तरफ से किए जा रहे योगदान को घटा दे तो ये दर सिर्फ 2 फीसदी ही रह जाएगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए झूठ का सहारा लेती है और इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था के क्षेत्र में योगी सरकार फेल हो गई है। उन्होने मांग की कि सरकार ये बताए कि उसने कितने अपराधियों और भू-माफियाओं को जेल भेजा। पुलिस और अपराधियों पर बयान देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का मनोबल गिरा हुआ है और राज्य में अपराधियों का राज है। कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है।
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अब गनर की मौत ने खड़े किए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई यह बात

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लखनऊ: गोमतीनगर स्थित रिवर फ्रंट के पास जिस पुलिस कर्मी का शव तैरता मिला था, अब उसकी मौत ने भी कई सवाल खड़े कर दिए। गनर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भले ही डूबने से मौत की बात सामने आ रही हो लेकिन मामला संदिग्ध देखते हुए डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है।

पुलिस का कहना है कि गनर मनोज कुमार शुक्ला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होने की बात सामने आई है लेकिन शव पानी में पड़ा रहने के चलते काफी फूल गया था। लिहाजा शरीर पर चोटों के निशान का पता नहीं चल सका है। साथ ही मामला भी संदिग्ध देखते हुए डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर लिया है। अब फॉरैंसिक जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो सकेगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिपाही ने आत्महत्या की है लेकिन पुलिस की यह थ्योरी किसी के गले नहीं उतर रही है। गौरतलब है कि मूलरूप से बांदा निवासी मनोज कुमार शुक्ला (40) 1997 बैच का सिपाही था। वह लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात था। मनोज पत्नी व 2 बच्चों के साथ मुंशी पुलिस सैक्टर-16 में रहता था।

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अल्पसंख्यकों की सुरक्षा लोकतंत्र में अहम: अंसारी

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वारसा: उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने आज कहा कि लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस प्रकार से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करता है। जब तक आम लोग अल्पसंख्यकों के हक के लिए आवाज उठाते रहेंगे तब तक लोकतंत्र मजबूत रहेगा।
अंसारी ने पोलैंड के वारसा विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि 3 दशक पहले एक जाने-माने समाजवादी ने भारतीय लोकतंत्र को आधुनिक विश्व में धर्मनिरपेक्ष चमत्कार और विकासशील देशों के लिए आदर्श बताया था। आजादी के 7 दशक बाद भी भारतीय लोकतंत्र का चमत्कार ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की सफलता के बावजूद कई चुनौतियां हैं और बहुमत चाहे कितना बड़ा क्यों न हो, विपक्ष को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अंसारी ने कहा कि यह कल्पना करना भी कठिन था कि भारत की बहुविविधता को एक देश के रूप में सुव्यवस्थित रखा जा सकता है लेकिन यह लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं राजनीति के दायरे में हुआ। हमारा संविधान सभी नागरिकों को सार्वभौम वयस्क मताधिकार प्रदान करता है और यह 1951 से लेकर 2014 तक के लोकसभा चुनाव में देखा गया है। मतदाताओं की संख्या काफी बढ़ी है। 

अंसारी ने आज कहा कि आर्थिक विकास के कारण औसत भारतीयों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, इन लाभों का असमान बंटवारा हुआ है, फिर भी यह भारत के गहरे लोकतंत्र का प्रमाण है कि बाजार आधारित सुधार से नुक्सान झेलने वालों ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कभी चुनौती नहीं दी। उन्होंने कहा कि उदारीकरण समेत नई आर्थिक नीतियां लोकतांत्रिक व्यवस्था में फल-फूल रही हैं। ऐसे माहौल में भारत उच्च विकास दर दर्ज कर रहा है। हामिद अंसारी ने कहा कि एक अन्य क्षेत्र फार्मा क्षेत्र से जुड़ा है जिसमें भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था 2400 अरब डालर है जो 1991 में सिर्फ  273 अरब डालर थी। इस अवधि में हमारी प्रति व्यक्ति आय 15 गुना बढ़ी है। 
भारत और पोलैंड में काफी समानताएं
हामिद अंसारी ने आज कहा कि पोलैंड और भारत में काफी समानताएं हैं। उन्होंने यहां रात्रि भोज के दौरान भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करने के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। उप-राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान में दोनों देश एक-दूसरे के यहां निवेश कर रहे हैं। हमारी यात्रा के 25 घंटे के दौरान जिन नए क्षेत्रों की पहचान की गई उससे इस दायरे का और भी विस्तार हो सकता है। 

अंसारी ने कहा कि दोनों देशों के संबंध बेहतरीन होने जा रहे हैं। उप-राष्ट्रपति अंसारी ने दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने भारत और पोलैंड के बीच संस्कृति, व्यापार और समाज के कई संदर्भों में भारतीयों की सामुदायिक सेवा की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत हुए हैं। 

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