विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर नशा मुक्ति संकल्प गोष्ठी आयोजित

जौनपुर। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर भारत विकास परिषद ने नशा मुक्ति संकल्प गोष्ठी का आयोजन केयर डेण्टल स्पेशिएलिटी सेण्टर रूहट्टा में किया। इस मौके पर नशा मुक्ति के प्रान्तीय प्रकल्प प्रमुख विक्रम गुप्त ने कहा दोहरा, गुटखा, सुर्ती, सिगरेट, शराब का सेवन जानलेवा है। इससे सभी को बचना चाहिये। कुछ सेवन करने वालों में भ्रान्तियां हैं कि वे छोड़ देंगें तो उन्हें बहुत तरह की परेशानियां आयेंगी जबकि ऐसा नहीं है सिर्फ एक संकल्प और मजबूत इच्छा शक्ति की जरूरत है। इस दौरान प्रमोद निषाद, सुधांशू अग्रहरि, विवेक मिश्रा, डेविड सिंह, गोपेश तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने संकल्प लिया। इसी क्रम में डा. तुलिका मौर्य बताया कि तम्बाकू उत्पादकों में खतरनाक रसायन होते हैं जिसके सेवन से कैंसर जैसी बीमारी होती है। डा. गौरव प्रकाश मौर्य ने बताया कि तम्बाकू उत्पादकों को छोड़ने के लिये दृढ़ निश्चय करें। छोड़ने का तुरन्त निर्णय लें। इससे होने वाले समस्या से लोगों को अवगत करायें। तलब लगने पर आंख बंद करके गहरी सांस लें। तलब सिर्फ दो मिनट की होती है। इसके बाद इच्छा समाप्त हो जाती है। तम्बाकू खाने की तीव्र इच्छा होने पर निकोटीन गम, ई सिगरेट का प्रयोग करें। हरी सब्जी, सलाद, फल आदि का उपयोग ज्यादा करें नियमित योगा व व्यायाम करें। पानी का उपयोग अधिक से अधिक करें। इस अवसर पर अतुल सिंह, अध्यक्ष भृगुनाथ पाठक, अंजू पाठक, शालू सिंह, सत्येन्द्र अग्रहरि, महेन्द्र प्रताप चौधरी, अमित श्रीवास्तव, रमेश पाण्डेय, यूपी सिंह, विकास सिन्हा, विवेक सिंह, अजीत विश्वकर्मा, प्रवीन यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
नगर के कटघरा में स्थित शुभम डेन्टल हास्पिटल पर गोष्ठी का आयोजन हुआ जहां तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी गयी। साथ ही उपस्थित लोगों को भविष्य में तम्बाकू न खाने के लिये शपथ दिलायी गयी। इस मौके पर दंत मुख रोग विशेषज्ञ डा. प्रमोद कुमार ने बताया कि आज के परिवेश में नशा शौक के रूप में फैल रहा है और ज्यादातर शिकार युवा वर्ग के लोग हो रहे हैं। गुटखा, दोहरा व तम्बाकू के सेवन से लोगों में मुख कैंसर की सम्भावना अधिक होती है। उन्होंने बताया कि तम्बाकू के सेवन से फेफड़े का कैंसर, मुंह का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक अल्सर, दमा, डिप्रेशन आदि बीमारियां हो सकती हैं। तम्बाकू में कैंसर पैदा करने वाली हानिकारक तत्व जैसे निकोप्टीन, नाइट्रो सामाइंस, बेजोपाइरिस, आर्सेनिक, क्रोमियम, अत्यधिक मात्रा में पाये जाते हैं जिसमें निकोप्टीन कैडियम और कार्बन मोनो आक्साइड स्वास्थ्य के लिये बेहद हानिकारक है। इस अवसर पर डा. सरोज कुमार, डा. राजेश निगम, प्रवीण श्रीवास्तव, डा. जितेन्द्र यादव, डा. राहुल सिंह, अमित कुमार, मोहित उपाध्याय, प्रभाकर उपाध्याय, सूरज कुमार, कल्लू, शैलेन्द्र कुमार, डा. मनोज कुमार, डा. संदीप शर्मा, भैया लाल यादव, राजेन्द्र सिद्धार्थ, डा. लालजी प्रसाद सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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