पहला अशरा - मस्जिद - ए - नूरैन में संपन्न हुई कुरआन तरावीह की नमाज

जौनपुर - इस्लामी कैलेण्डर के अनुसार वर्ष का रमजान महीना सबसे पवित्र महीना माना गया है | इस्लामी कैलेण्डर के मुताबिक़ वर्ष का यह नौवा महीना होता है | जिसमें मोमिन सभी बुरे कामों को छोड़ कर अल्लाह की रजा मंदी के लिए भीषण गर्मी में रोजा रखता है और उसीकी इबादत  और बंदगी करता है | पंज वक्ती  नमाजों के साथ तरावीह की नमाज भी अकीदत के साथ अदा करता है | इसी क्रम में नगर के पुरानी बाजार स्थित मखदूम शाह बड़े की मस्जिद - ए - नूरैन में रमजान महीने के  पहले अशरे में कुरआन तरावीह समाप्त की गई | तरावीह में सौकड़ों लोगों ने कुरआन तरावीह में भाग लिया और अल्लाह के सामने सर झुकाकर अपने गुनाहों की माफ़ी मांगी और तौबा किया | पहले अशरे में कुरआन तरावीह के समापन पर तरावीह पढने वालों ने ख़ुशी का इजहार किया और पेश इमाम को नजराना भी पेश किया | मस्जिद में तरावीह की नमाज अदा करने वाले लोगों ने एक दूसरे के गले मिल कर रमजानुल मुबारक की बधाई दी और तरावीह में पुरे कुरआन पाक को सुनने पर ख़ुशी का इजहार किया | कुरआन पाक की तिलावत से पहले अशरे में तरावीह की नमाज संपन्न कराने वाले हाफिज मोहम्मद रेहान ने भी नमाजियों को मुबारक बाद पेश किया और मोमिनों को पंज वक्ती नमाज से जुड़ने का आह्वान किया | मस्जिद - ए -नूरैन में तरावीह की नमाज पढने वालों में सिकंदर जेब , शम्स तबरेज , सुहेल अहमाद , अकील अहमद , जीशान अहमद , तौहीद अहमद , शमसे आलम सहित सैकड़ों मोमिनों ने पहले अशरे में कुरआन तरावीह की नमाज अदा की |

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