कोल्हुआ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता कथा का हुआ समापन

जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत गीता कथा के समापन अवसर पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चित्रकूट से पधारीं नीलम गायत्री ने कहा कि शरीर के संचालन में पंचप्राण 10 इन्द्रियां, 5 विषय और 4 अंतकरण प्रमुख रूप से कार्यरत हैं। आत्मा की ऊर्जा सभी को कार्यान्वित रखती हैं। हमारा स्थूल शरीर वृद्ध होता है। मन कभी बूढ़ा नहीं होता। शरीर थकता है लेकिन मन कभी नहीं थकता। इन्द्रियां शिथिल होती हैं परंतु मन कभी शिथिल नहीं होता। मन अनेक संवेदनाओं को अपने में समेटने वाला महान पात्र है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी एक जागृत देव हैं। उनके जैसा भक्त इस धरती पर आज तक कोई दूसरा नहीं हुआ है। इसी प्रकार अपने मन को सम्पूर्ण रुप से वश में करके लक्ष्मण जी ने भगवान राम व माता सीता की 14 साल तक नींद से मुक्त होकर ब्रह्मचर्य जीवन के साथ भगवान राम की सेवा किया था। वह अनुपम है। हम सभी को अपने मन को वश में करते हुये स्वास्थ्य एवं सुख-दुख की कल्पना से परे होकर स्वयं को समाज के कल्याण और ईश्वर की आराधना में लगाना है तभी हम महामानव कहे जायेंगे। इस अवसर पर भाजपा नेता विनय सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख राम आसरे सरोज, सपा नेता जयंती यादव, दीनानाथ सिंह, अनिल जायसवाल, अखिलेश सिंह, अभय सिंह, राजेश सिंह, रमाकांत प्रजापति, सतीश जायसवाल सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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