कला उत्सव में तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज का दबदबा

कला उत्सव में तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज का दबदबा
कई विधाओं में प्रथम स्थान हासिल कर विद्यार्थियों ने बढ़ाया विद्यालय का गौरव

जौनपुर। जनपद स्तरीय कला उत्सव-2026 का आयोजन मंगलवार को तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज, जौनपुर में हुआ। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह मुख्य अतिथि रहे। जिला समन्वयक समग्र शिक्षा डॉ. राजन सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. सत्य प्रकाश सिंह, नोडल अधिकारी बसंत लाल पाल, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की सुवासिनी तथा तिलकधारी महाविद्यालय के अरविंद गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

कला उत्सव की विभिन्न कला एवं सांस्कृतिक विधाओं में तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

संगीत गायन शास्त्रीय/उपशास्त्रीय एकल में अनुराग निषाद, लोकगीत/देशभक्ति समूह गायन में प्रियांशी, आंचल, खुशबू एवं काजल, एकल शास्त्रीय नृत्य में प्रियांशी चौरसिया, क्षेत्रीय/लोक-जनजातीय समूह नृत्य में हिमानी, अविका, सिद्धि एवं जाह्नवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नाटक में वैष्णवी एवं जाह्नवी, पारंपरिक कहानी वाचन में पलक सोनी एवं ज्ञानी पाल विजेता रहे।

दृश्य कला की द्विआयामी चित्रकला में खुशी निषाद, त्रिआयामी मूर्ति कला में रश्मिश मौर्या तथा स्वदेशी खेल-खिलौने एवं स्थानीय शिल्प में डाली ने प्रथम स्थान हासिल किया।

वहीं विभिन्न विधाओं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज की हिमांशी चतुर्वेदी, इंटर कॉलेज कुंवरपुर के अजीत कुमार, आशीष, सत्यम पटेल, समीर अली एवं हरिल राव, राजकीय इंटर कॉलेज पावर, केराकत के पहला यादव, राजकीय इंटर कॉलेज पछवार की सुहानी तथा पंचशील इंटर कॉलेज फतेहगंज की नेहा प्रजापति शामिल रहीं।

तृतीय स्थान पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पारियावां की लक्ष्मी निषाद एवं महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज की आराधना नंदिनी रहीं।

जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह एवं डॉ. राजन सिंह ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रधानाचार्य डॉ. सत्य प्रकाश सिंह ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और ऐसे आयोजन उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ भारतीय कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

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