जौनपुर। ब्लॉक संसाधन केंद्र करंजाकला पर निपुण भारत मिशन के तहत आयोजित पांच दिवसीय बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान (FLN) तथा एनसीईआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण का 18 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण सात बैचों में संचालित हुआ, जिसमें ब्लॉक के कुल 702 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान गतिविधि आधारित एवं बाल-केंद्रित अधिगम, अनुभवात्मक शिक्षण, सतत मूल्यांकन, कक्षा शिक्षण में नवीन शिक्षक संदर्शिका के प्रभावी उपयोग सहित एनसीईआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों में किए गए परिवर्तनों की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा प्रिंट रिच मटेरियल, टीएलएम, शैक्षिक कैलेंडर, स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम, कैच-अप शिक्षण, समग्र प्रगति पत्र तथा प्रथम संस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए सैंपल पेपर के आधार पर भाषा एवं गणित में बेसलाइन, मिडलाइन और एंडलाइन आकलन प्रपत्र भरने का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार यादव ने कहा कि प्रशिक्षण में सीखी गई शिक्षण तकनीकों को शिक्षक अपनी कक्षाओं में अनिवार्य रूप से लागू करें, जिससे ब्लॉक के सभी विद्यालयों को निपुण विद्यालय बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
एआरपी डॉ. सुरेश चंद्र मौर्य ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ विधि का प्रयोग किया जाए। प्राथमिक स्तर पर बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करना ही प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है।
संदर्भदाता निलेश उपाध्याय ने बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया। वीरेंद्र सिंह ने कक्षा-कक्ष में टीएलएम के अनिवार्य उपयोग और समय से बच्चों का निपुण आकलन करने की जानकारी दी। प्रशांत मिश्रा ने भारतीय ज्ञान परंपरा (I.K.S.) की उपयोगिता पर प्रकाश डाला, जबकि केआरपी वीरेंद्र यादव ने गीत के माध्यम से 10 पॉइंट टूल किट की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के सफल संचालन में प्राचार्य विनोद कुमार शर्मा, जिला प्रशिक्षण संस्थान जौनपुर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर यादव, खंड शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार यादव, डीसी प्रशिक्षण विशाल उपाध्याय, एसआरजी डॉ. कमलेश यादव एवं अजय मौर्य का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण अवधि में कार्यालय के समस्त स्टाफ एवं शिक्षकों का भी पूर्ण सहयोग रहा।
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