चाइनीज मांझे से मौत के विरोध में कैंडल मार्च

चाइनीज मांझे से मौत के विरोध में कैंडल मार्च
डॉ. समीर हाशमी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
जौनपुर। चाइनीज मांझे की चपेट में आकर फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. समीर हाशमी की दर्दनाक मौत से पूरे जनपद में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में तथा दिवंगत आत्मा की शांति हेतु जौनपुर फिजियोथेरेपी वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में एक विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया।
कैंडल मार्च जेसीज चौराहा से प्रारंभ होकर सद्भावना पुल होते हुए गोपी घाट पर समाप्त हुआ। मार्च के दौरान फिजियोथैरेपिस्टों एवं आम नागरिकों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर डॉ. समीर हाशमी को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने चाइनीज मांझे को “मौत का मांझा” बताते हुए कहा कि इसके कारण अब तक कई निर्दोष लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। प्रदर्शनकारियों ने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और इसके अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर डॉ. महेंद्र पाल, डॉ. संतोष मौर्या, डॉ. अमित तिवारी, डॉ. वरुण कुमार गोंड, डॉ. अश्वनी चौबे, डॉ. योगेश, डॉ. रितेश अग्रहरि, डॉ. शरद मिश्रा, डॉ. प्रदीप मौर्या, डॉ. ऋषि यादव, डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. अनंत चौहान सहित जौनपुर फिजियोथेरेपी वेलफेयर एसोसिएशन के सभी सदस्य एवं बड़ी संख्या में फिजियोथैरेपिस्ट मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में मांग की कि डॉ. समीर हाशमी को न्याय दिलाने के लिए चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

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