जौनपुर, 12 नवम्बर 2025। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में डायबिटिक रेटिनोपैथी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन नेत्र रोग एवं मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानाचार्य प्रो० आर०बी० कमल के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए प्रो० कमल ने कहा कि मधुमेह आज की तेजी से बढ़ती समस्याओं में प्रमुख है, जो लंबे समय तक नियंत्रण में न रहने पर आँखों, हृदय, किडनी एवं नसों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने मधुमेह को “शरीर को धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त करने वाली बीमारी” बताते हुए समय पर जांच और जीवनशैली में सुधार को अत्यंत आवश्यक बताया। मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डा० जितेन्द्र कुमार ने मधुमेह के कारणों एवं जोखिम कारकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनेटिक फैक्टर, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, अधिक कैलोरी वाला भोजन, तनाव, धूम्रपान और मद्यपान इसके प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने संतुलित आहार, प्रतिदिन 30–45 मिनट व्यायाम, वजन नियंत्रण, तथा फास्टिंग ब्लड शुगर, HbA1c व लिपिड प्रोफाइल की नियमित जांच को मधुमेह रोकथाम और नियंत्रण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
नेत्र रोग विभाग के सहायक आचार्य डा० चन्द्रभान चन्द्रा ने कहा कि डायबिटिक रेटिनोपैथी विश्वभर में दृष्टि हानि का प्रमुख कारण है। मधुमेह की अवधि बढ़ने के साथ रेटिना की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं में क्षति होने लगती है, जिससे धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर हो जाती है। उन्होंने नियमित नेत्र परीक्षण और रक्त शर्करा नियंत्रण को रोकथाम के सबसे प्रभावी उपाय बताया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डा० अलिशा अंजुम ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से डायबिटिक रेटिनोपैथी के लक्षण, प्रकार, जटिलताएँ, बचाव के उपाय तथा उपलब्ध आधुनिक उपचार तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर निदान और शुगर लेवल को नियंत्रित रखने से इस बीमारी की प्रगति को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में चिकित्सा अधीक्षक डा० विनोद कुमार ने सभी प्रतिभागियों व अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य संबंधी चेतना बढ़ाने में अत्यंत सहायक साबित होते हैं।
कार्यक्रम का सफल और प्रभावी संचालन डा० मो० शादाब ने किया।
इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य प्रो० आशीष यादव, प्रो० उमेश सरोज, डा० सी०बी०एस० पटेल, डा० अचल सिंह, डा० अरविन्द पटेल, डा० आदर्श यादव, डा० आशुतोष सिंह, डा० अनुज कुमार सिंह, डा० संजीव यादव, डा० स्वाती विश्वकर्मा, डा० बृजेश कन्नौजिया, डा० अभिषेक मिश्रा, डा० पंकज कुमार, डा० मधुसुदन, डा० विकल्प सहित नर्सिंग अधिकारी शाजिया, प्रियंका, शालिनी, वंदना तथा अन्य स्टाफ एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएँ, मरीज एवं तीमारदार उपस्थित रहे।
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