शिक्षा के बीना मानव जीवन अधुरा-डा. अजयेंद्र दुबे

जलालपुर , जौनपुर , शिक्षा वह प्रकाश है जिससे मानव विकाश के समस्त बंद  दरवाजे खुल जाते है | शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है | इसलिए प्रत्येक अभिभावक की यह नैतिक जिम्मेदारी है की वह अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्व पूर्ण भूमिका का निर्वहन कर देश की एकता अखंडता के साथ - साथ समाज के नूतन निर्माण में नई जेतना का जागरण करें |
         
यह बातेत क्षेत्र के मदरसा अबरे रहमत मझगवां कलां में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम के तहत पुरष्कार वितरण समारोह को सम्बोधित करते हुए कुटीर पीजी कालेज चक्के के प्रबंधक व  मुख्य अतिथि डा. अजयेंद्र कुमार दुबे ने कही | उन्होंने कहा की हर अभिभावक की यह नैतिक जिम्मेदारी है की वह बच्चों के साथ - साथ बच्चियों को भी उच्च शिक्षा दें | उन्होंने कहा की सूदूर ग्रामीणांचल में इस मदरसे में ८५ प्रतिशत बहुसंख्यक समुदाय के बच्चे शिक्षा ले रहे है जिससे ऐसा प्रतीत होता है की इस मदरसे से भारतीय संस्कृति की गंगा - जमुनी विरासत की एकता और अखण्डता का निर्मल प्रवाह होरहा है | यहाँ आने के बाद आज यह एहसास होरहा है की विधालय प्रबंध की एक नूतन सोच है की वह यहाँ शिक्षा लेने वाले दोनों समुदाय के छात्रों में एक नई चेतना का जागरण करने के लिए प्रयत्न शील है | इस मदरसे में दो समुदाय के छात्रों के भाई - चारे को देख ऐसा प्रतीत हो रहा है की यहाँ के हर बच्चे के हाँथ में अगर पवित्र ग्रन्थ श्रीमद भागवत गीता है तो दूसरे हाँथ में कुराने पाक भी है | इतना ही नहीं इस मदरसे के प्रांगण  में अगर हदीश की सदायें गूँज रही हैं तो दूसरी तरफ श्री राम चरित मानस की भी आवाज बुलंद हो रही है | जैसा की मैंने देखा की कार्क्रम की शुरुआत तिलावते कलामे पाक से प्रधानाचार्य ने की

तो मदरसे के प्रबंधक ने अपने उद्बोधन को गायत्री मन्त्र से शुरू  किया | जिससे हृदय भाव विह्वल हो गया | विशिष्ट अतिथि संजय सिंह ने कहा की इस मदरसे के बच्चों में अनुशाहन की क्षमता को देख कर प्रतीत होरहा है की यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाला प्रत्येक विधार्ती कामयाबी की मंजिल तक अवश्य पहुंचे गा | अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व ब्लाक प्रमुख वंश गोपाल सिंह ने कहा की शिक्षा रूपी प्रकाश अधेरों को समाप्त करता है और जीवन को प्रकाश माय बना देता है | मदरसे के प्रबन्धक बाबर कोरैशी ने आये हुए अतिथियों को बुकें व् अंगवस्त्रम भेंट क्र सम्मानित किया | कार्क्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य हशमत अली ने तिलावते कलामे पाक से किया | इसके बाद वार्षिक पारीक्षा में प्रथम ,स्थान व मदरसे में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरष्कृत किया गया | आये हुए अतिथि जनों का मालायार्पण मदरसे के शिक्षक मुहम्मद ताहिर , इर्फानुल्लाह , सरफराज , शहाबुद्दीन , अब्दुल कादिर , कमरुज्जमान , अब्दुल्लाह , आसिफ अली , सेख मुश्ताक , ने किया | संचालन जमाल अहमद ने किया |

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