
एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक, अन्ना हजारे ने कहा, ‘मैं शुंगलू रिपोर्ट को देखकर काफी दुखी हूं क्योंकि अरविंद केजरीवाल ने मेरे साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। मुझे पढ़े लिखे और युवा केजरीवाल के काफी उम्मीदें थीं कि वह भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त भारत बनाएंगे लेकिन उन्होंने मेरी सारी उम्मीदें तोड़ दीं।’ हजारे ने कहा कि वह दिल्ली सरकार की किसी नीति का समर्थन नहीं करते क्योंकि उनके बर्ताव से देश और समाज को नुकसान पहुंचा है। मैं केजरीवाल द्वारा राजनीतिक पार्टी बनाए जाने से पहले अलग हो गया इस बात के लिए मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरी उनसे मिलने की कभी भी इच्छा नहीं हुई।’
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