श्री त्रिपाठी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के रवैये के चलते शिक्षा व्यवस्था बद से बदतर हो गयी थी। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को न तो किताबे मिलती थी न ही यूनिफार्म और मिड-डे-मील। इन बच्चों के लिए खर्च हो रही रकम भ्रष्टाचारियों की जेब में जा रही थी। ऐसे में 100 दिनों के भीतर इन स्कूलों को संवारने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की पहल ऐतिहासिक है। खास तौर पर गरीब परिवारों के बच्चों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अगले 100 दिनों के भीतर प्रदेश के सरकारी स्कूल बेहतर तरीके से बदले हुए नजर आयेंगे।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि यूपी में योगी आदित्यनाथ जी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही शिक्षा माफियाओं में हड़कंप है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा का सौदा करने वाले लोग बक्शे नहीं जायेंगे। फिर वो चाहे बोर्ड की परीक्षाओं में नकल कराने वाले लोग हों, या फिर बच्चों को डरा धमका कर कोचिंग जाने को मजबूर करने वाले सरकारी शिक्षक। शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए यूपी सरकार ने जो शुरूआत की है उसके लिए वो बधाई की पात्र है।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि पिछले कुछ सालों से निजी स्कूलों, कालेजों में मनमाने तरीके से फीस की बढ़ोत्तरी की जा रही थी। हर बार अभिभावकांे की तरफ से इस मनमानी फीस बढ़ोत्तरी को रोकने के लिए मांग उठती थी पर पूर्व की सरकारों ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया। इस बार यूपी सरकार ने इस बेतहाशा और मनमानी फीस बढ़ोत्तरी पर अंकुश लगाकर यह साबित कर दिया है कि ये आम जनता की सरकार है।

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