धार्मिक आस्था , ब्रत , पूजन - अर्चन के साथ शुरू हुआ भारतीय नव -वर्ष -२०७४ ,


बाबर
जौनपुर , भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत २०७४, २९  मार्च  दिन बुधवार से शुरू हो गया  | आज से शक्ति आराधना पर्व संग नव संवत्सर भी शुरू हो गया  है | भारतीय नव वर्ष के शुभारम्भ के साथ नवरात्र ब्रत और पूजा अर्चन के साथ घरों में साफ सफाई कर भक्त जन कलश स्थापित कर देवी की पूजा में लीन हैं | आस्था व् विश्वास से ओत - प्रोत भक्त जन देवी मंदिरों में भी साफ़ सफाई कर पूजन अर्चन करते देखे जा रहे हैं | भारतीय नव वर्ष के साथ प्रारंभ होने वाले ९ दिनी नवरात्र के पर्व पर प्रकाश डालते हुए छेत्र के प्रो.डाक्टर अवनीश कुमार दुबे ने बताया की नूतन वर्ष आरम्भ होने पर घर को पवित्र कर कलश स्थापना तथा ध्वजा रोहण कर ब्राह्मण को बुलाकर उसका उचित पूजन कर पंचांग फल सुनना चाहिए | इससे गंगा स्नान एवं सूर्य ग्रहण सामान फल की प्राप्ति होती है | इसदिन नीम की मुलायम पत्ती ,फल ,जीरा , काली मिर्च ,हींग ,नमक पीस कर खाने से वर्ष भर शरीर निरोग रहता है | उन्हों ने आगे बताया की नवरात्र में ९ दिनों तक देवी दुर्गा के  ९ रूपों की पूजा का अनुष्ठान करने से पहले शान्ति कलश की स्थापना करने का भी विधान है | इसका कारण यह है की शास्त्रों में किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए कलश की स्थापना आवश्यक है | उन्होंने कहा की  देवी दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है | इसलिए पूरे नवरात्र भर अर्थात ९ दिनों तक देवी दुर्गा के नव रूपों की पूजा अर्चना करनी चाहिए | उन्हों ने चिंता जताते हुए कहा की पश्चिमी संस्क्रृति के वशीभूत वर्तमान युवा पीढ़ी जहाँ अंग्रेजों के परंपरा के सांचे में तेजी से ढलते हुए एक जनवरी को नया साल बैंड बाजे , शराब , मांस के साथ नशे में धुत होकर मनाते हैं वहीँ भारतीय नव वर्ष धार्मिक आस्था से ओत - प्रोत होकर शांतिपूर्ण तरीके से माता रानी की आराधना ,पूजा और ब्रत के साथ मनाया जाता है | नवरात्री पर्व के प्रथम दिन से ही लोग ब्रत रह कर भक्ति भाव से ओत -प्रोत होकर नव वर्ष आगमन के साथ -साथ माँ दुर्गा की आराधना में लींन हो जाते हैं | भक्त जन नवरात्र के ९ दिनों तक ब्रत रह कर ताम्साहरी भोजन से दूर रहकर फल ,मेवा . दूध ,दही आदि  सुद्ध भोजन करते हैं और गरीब ब्राह्मण को दान दे कर पापों से मुक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं |

No comments

Post a Comment

Home