स्ववित्तपोषित शिक्षकों को शोध निदेशक बनाया जाए
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति को शिक्षक स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने ज्ञापन दिया। और शिक्षक समस्याओं के निदान करने की मांग की। जिसमें पूर्व स्ववित्तपोषित कॉलेज के शिक्षकों को पीएचडी के शोध निर्देशक बनने के साथ मूल्यांकन की बकाया प्राथमिक भुगतान करने की मांग की।
बता दें कि यूपी स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक एशोसियेशन के जिला अध्यक्ष डॉ प्रभाकर सिंह, महामंत्री डॉ निलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने कुलपति प्रो. वंदना सिंह से मुलाकात की और उन्हें शिक्षक समस्याओं को लेकर ज्ञापन सोपा। जिसमें विषम सेमेस्टर 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्राश्रमिक अभी भी शिक्षकों को भुगतान नहीं किया गया । जिसे तत्काल भुगतान किया जाए । परीक्षाओ को सुचितापूर्ण बनाने के लिए उड़ाका दल का गठन मे सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को शिक्षकों को जगह दी जाए । और वाहनों का किराया बढ़ाया जाए । स्ववित्तपोषित शिक्षकों के साथ भेदभाव वन्द हो। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के शिक्षकों को पीएचडी के लिए शोध निदेशक बनाया जाए । शिक्षा में सेवा नियमावली का गठन किया जाए। उच्च शिक्षा में पचासी फीसदी भागीदारी देने वाले स्ववित्तपोषित महाविद्यालय के परीक्षाओं संबंधित महत्वपूर्ण कार्य में केंद्रा अध्यक्ष सहायक केन्द्राध्यक्ष ,कक्ष निरीक्षक प्रयोगात्मक एवं उत्तर पुस्तकाओ के मूल्यांकन पर उनकी भागीदारी के हिसाब से दिया जाए । सीपीएफ कटौती में सबसे बड़ी बाधा फर्जी अनुमोदन है । सीपीएफ कटौती लागू किया जाए ।निश्चित वेतन निर्धारण यूजीसी द्वारा निर्धारित किया जाय।
उन्हें निश्चित वेतन निर्धारण का हक दिया जाए ,इसके अलावा शिक्षक समस्याओं का निदान किया जाए। इस अवसर पर डॉ अमित कुमार सिंह, डा. संजीव कुमार, डॉ. सलीम खान ,डॉ. राजेश श्रीवास्तव, डॉ. पिंटू गुप्ता, डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, डॉ. सीमा सिंह, डॉ निजामुद्दीन मौजूद रहे।
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