जौनपुर, 31 जुलाई 2025 बीते 30 जुलाई को राजस्व अभिलेखागार से जुड़ी एक खबर “दस्तावेज मांगने पर मिली कैद” शीर्षक से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और स्थानीय समाचार माध्यमों पर तेजी से वायरल हुई, जिसमें यह दावा किया गया कि एक व्यक्ति को भूमि अभिलेख की नकल मांगने पर अभिलेखागार कार्यालय में बंद कर दिया गया।
इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि वायरल खबर पूरी तरह से तथ्यहीन और भ्रामक है।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि उक्त व्यक्ति पुरानी भूमि नकल की मांग को लेकर अभिलेखागार कक्ष में आया था, जो तत्काल उपलब्ध कराना संभव नहीं था। कर्मचारियों द्वारा उसे अगले दिन दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही गई, परंतु वह व्यक्ति कार्यालय से जाने को तैयार नहीं हुआ।
इसी दौरान अभिलेखागार में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा जल्दबाज़ी में आगंतुक कक्ष का ताला अनजाने में बंद कर दिया गया। जैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी हुई, ताला तत्काल खुलवाकर व्यक्ति को बाहर निकाला गया और दो दिनों के भीतर वांछित दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
जिलाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई बंदी नहीं थी। हालांकि, संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
प्रशासन ने मीडिया व जनता से अपील की है कि भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा तथ्यपरक जानकारी के लिए अधिकृत स्रोतों पर भरोसा रखें।
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