संपन्न
जौनपुर:आज उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में "पीडियाट्रिक रेयर डिजीज" पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 'सेन्टर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय एवं "उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डा० राजीव रमन, प्रो० डा० परीमल दास, प्रो० डा० ऋतु दीक्षित, सी०डी०एस०डी० हैदराबाद से डा० उषा दत्ता, संजय गांधी पी०जी०आई लखनऊ से प्रो० डा० शोभा फडके, प्रो० डा० रुचिरा सेठी, प्राचार्या, उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर, प्रो० डा०ए०ए० जाफरी कार्यक्रम के संयोजक चेयर पर्सन, डा० आदर्श यादव, संयोजक सचिव, ने सहभागिता किया।इस कार्यक्रम के आरम्भ में डा० ऋतु दीक्षित ने कार्यक्रम के रूप रेखा के बारे में बताया, उसके उपरान्त प्रो० डा० राजीय रमन, प्राणीशास्त्र विभाग बी०एच०यू० ने जेनेटिक रोगो पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया।उन्होंने बुनियादी बातों की खोजः कैरियोटाइपिंग से लेकर Fish और उससे आगे तक साइटोजेनेटिक विश्लेषण, एवं अन्य जाँचो के बारे में बताया। तत्पपश्चात प्रो० डा० शोभा फड़के, प्रोफेसर, संजय गांधी पी०जी०आई लखनऊ ने एन०जी०एस० (Next Generation Sequencing) नामक जाँच का जेनेटिक रोगों में उपयोग करने के बारे में विस्तार से बताया।उसके उपरान्त प्रो० डा० रूचिरा सेठी, प्राचार्या, उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर ने जेनेटिक रोगों के घटित होने तथा उनके इलाज में आने वाली दिक्कतों के बारे में चर्चा किया। उन्होंने इस संबंध में उचित पालिसी की संरचना की आवश्यकता पर बल दिया।
डा० ए०ए० जाफरी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर ने अपने उपबोधन में जेनेटिक रोगो से संबंधित संक्रामक रोगों के लिए आवश्यक सभी प्रकार की जाँचो के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
इस कार्यक्रम में डा० श्वेता सिंह तथा डा० अनुशर्मा ने भी अपना विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय जौनपुर के चिकित्सा शिक्षक, प्रो० भारती यादव, प्रो० संजय कुमार शर्मा, डा० विनोद कुमार, डा० सी०बी०एस ले०क० पटेल, डा० अरविन्द पटेल, डा० विनोद वर्मा, डा० आशुतोष सिंह, डा० संजीव यादव तथा एम०बी०बी०एस० छात्र/छात्रायें एवं अन्य चिकित्सा शिक्षक उपस्थित रहें। अन्त में डा० आदर्श यादव, संयोजक सचिव, कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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