कुश्ती से होता है शारीरिक व मानसिक विकासः डा. सिद्धार्थ

जौनपुर। कुश्ती प्रेमियों को आज प्रोत्साहन की जरूरत है। इससे शारीरिक के साथ मानसिक विकास भी होता है। आज पहलवान अपनी ताकत के बल पर देश में अपनी पहचान बना चुके हैं। उक्त बातें सिद्धार्थ हास्पिटल लेप्रोस्कोपिक एवं ट्रामा सेन्टर के वरिष्ठ सर्जन और बसपा के मछलीशहर लोकसभा प्रभारी डा. लाल बहादुर सिद्धार्थ ने केराकत में आयोजित कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुये कही। उन्होंने आगे कहा कि कुश्ती से शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियां कोसों दूर रहती हैं। यही कारण है कि आज लड़कों के साथ लड़कियां भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। कुश्ती प्रेमियों को चाहिये कि वह अपने खान-पान को सही रखें। खुले पदार्थों का सेवन कत्तई न करें। समय-समय पर चिकित्सक से शरीर का परीक्षण कराते रहें जिससे समय रहते छिपे रोगों की पहचान हो सके। डा. सिद्धार्थ ने कहा कि कुश्ती में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को नौकरियां भी आसानी से हासिल हो जाती हैं जिसमें किसी की पैरवी की जरूरत नहीं पड़ती है। पहले प्रत्येक ग्रामीण इलाकों में अखाड़ों में बच्चों को कुश्ती की कला सिखायी जाती थी लेकिन वर्तमान में इसको कम महत्व दिया जा रहा है। इसके पहले डा. लाल बहादुर सिद्धार्थ का उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण करके जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर डा. विनोद यादव, राजेन्द्र प्रसाद सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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