मछुआ समाज के आवास के लिये आवंटित धन में हुई कटौती

जौनपुर। मछुआ समाज को आवास के नाम पर 3 लाख 5 हजार रुपये आवंटन थे। इतने बजट में आवास का निर्माण आसानी से हो जाता लेकिन इसमें भी ग्राम प्रधान व सचिव मिलकर रूपये का गबन कर लेते हैं। उक्त बातें पूर्वांचल कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामधनी बिन्द ने कही। उन्होंने आगे कहा कि जब योगी सरकार ने मछुआ आवास को निषादराज आवास का नाम दिया तो मछुआ समाज को लगा कि योगी सरकार से उनको हक, अधिकार और न्याय मिलेगा लेकिन इस सरकार ने मछुआ आवास में जो रूपये आवण्टित किये थे, उसको घटाकर 1 लाख 20 हजार रुपये कर दिया है। इसमें भी ग्राम प्रधान सहित सम्बन्धित अधिकारी भी हजारों रुपये गबन करेंगे तो उस व्यक्ति के पास सिर्फ 80 हजार रुपये ही मिलेगा। इतने में तो एक मड़हा भी अच्छे ढंग से निर्माण नहीं हो पायेगा। श्री बिन्द ने कहा कि मछुआ समाज ने भाजपा को बढ़-चढ़कर वोट दिया लेकिन यह सरकार इसके विकास के बारे में कार्य न करके खाई में ढकेल रही है। मछुआ समाज के हिस्से से नदी, तालाब, पोखरे आदि सभी छीन गया है। मछुआ आवास के नाम पर जो बजट उसे दिया जा रहा था, वह खत्म हो गया है। भाजपा सरकार की यह नीति मछुआ समाज के साथ दोगली राजनीति है। फिलहाल अब यह समाज जवाब देने को तैयार है।

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