गुरू के बिना जीवन अधूरा: नारद महाराज

कहा— हर कालखण्ड में परिस्थिति के अनुसार महापुरूषों का अवतरण हुआ है
मड़ियाहूं, जौनपुर। स्वामी अड़गड़ानन्द महराज के शिष्य नारद महाराज ने क्षेत्र के भौरास स्थित आश्रम पर गुरूवार को प्रवचन करते हुये कहा कि व्यक्ति को सही मार्ग पर जाने के लिये सद्गुरु के मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है। गुरु का अनादर करने वाले को किसी लोक में सुख नहीं मिलता। हर कालखंड में भारत भूमि पर समय काल परिस्थिति के अनुसार महापुरुषों का अवतरण हुआ है। स्वामी अड़गड़ानंद महाराज को 21वीं सदी का अवतरित महापुरूष बताते हुये उन्होंने आगे कहा कि मानव जीवन, जन्म और मृत्यु के बीच का पड़ाव है। हर जीव माया के आश्रित है। माया के चंगुल से निकलकर परमतत्व परमात्मा तक की दूरी तय कर लेना परमात्मा का दर्शन और स्पर्श पा लेना यही आध्यात्म की पराकाष्ठा और मानव जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। इसी में कल्याण भी है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने भी एक परमात्मा की शरण और उनके भजन पर बल दिया है। आत्मा के उद्धार के लिए नियमित सुबह-शाम थोड़ा—बहुत ईश्वर का भजन अवश्य करना चाहिए। अन्त में ओम अथवा राम का जप करने पर उन्होंने बल दिया। इस अवसर पर सेवा बाबा, कृष्ण बाबा, विनय दुबे, चंद्र प्रकाश सिंह, राधाकृष्ण शर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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