जौनपुर:जनवरी 2025 की मासिक *शिक्षक संकुल बैठक* का आयोजन *प्राथमिक विद्यालय शिकारपुर* में सफलता पूर्वक किया गया। इस बैठक में न्याय पंचायत हरदीपुर के सभी शिक्षक साथियों ने भाग लिया। बैठक में एजेंडा के अनुसार विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा और प्रस्तुतीकरण किया गया।
बैठक की शुरुआत माँ सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर शुरू किया गया।बैठक में चर्चा की शुरुआत सबसे पहले निपुण भारत मिशन के अंतर्गत निपुण तालिका को अपडेट करने से हुई। इसमें यह सुनिश्चित किया गया कि शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें *उपचारात्मक शिक्षण* दिया जाए। शिक्षकों ने सहमति व्यक्त की कि बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों को बेहतर बनाने के लिए *प्रिंटरिच सामग्री* का प्रयोग किया जाए ताकि शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाया जा सके। आगामी माह के लिए तीन उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियों का चयन कर उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। भाषा और गणित विषयों में बच्चों की शैक्षिक प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए *रिमेडियल कार्य* पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया गया।
निपुण विद्यालय आकलन के दौरान आई चुनौतियों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों ने इन चुनौतियों का समाधान ढूंढने और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
बैठक में पर्यावरणीय जागरूकता के उद्देश्य से *Eco Clubs for Mission Life* के गठन पर भी जोर दिया गया। यह पहल बच्चों को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक होगी।
बैठक में उपस्थित सभी शिक्षकों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि शैक्षणिक गुणवत्ता और बच्चों के समग्र विकास के लिए ऐसे कदम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस तरह, बैठक के दौरान उठाए गए विषयों पर गंभीर चर्चा हुई और शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे इन पहलुओं को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।
माह जनवरी 2025 की यह शिक्षक संकुल बैठक न केवल शिक्षकों के लिए एक सीखने और समझने का अवसर बनी, बल्कि इसमें बच्चों के समग्र विकास और शैक्षणिक सुधार के लिए ठोस रणनीतियों पर सहमति बनी। इस बैठक ने निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सार्थक कदम उठाया।
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