सन्त योद्धा थे गुरू तेग बहादुर साहेब जी: सतेन्द्र अग्रहरि

सन्त योद्धा थे गुरू तेग बहादुर साहेब जी: सतेन्द्र अग्रहरि
जौनपुर। भारत विकास परिषद जौनपुर शाखा ने गुरू तेग बहादुर साहेब की पुण्यतिथि सरस्वती शिशु मंदिर बारीनाथ में छात्र-छात्राओ के बीच मनाया। शाखा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व महापुरुष जयंती के प्रकल्प प्रमुख सतेंद्र अग्रहरि ने बताया कि मुगल बादशाह औरंगजेब इस्लाम धर्म न अपनाने अपने जीवन का न्यौछावर कर हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए ढाल बन गये। हिंद दी चादर कहलाए जाने वाले सिक्खों के नौवें गुरु तेग बहादुर साहेब जी ने हिन्दू धर्म और मानवता की रक्षा करते हुए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उनकी शहादत पर भारत विकास परिषद हर साल शहीदी दिवस के रूप में याद करती है। उन्होंने आस्था, विश्वास और अधिकारों की रक्षा के लिये सर्वोच्च बलिदान दिया, इसलिए उन्हें सम्मान के साथ हिंद दी चादर भी कहा जाता है। इस अवसर पर शाखाध्यक्ष शिव कुमार, दिलीप जायसवाल, शरद साहू, इंदु लाल, दिवाकर गुप्त, रामरतन सेठ, प्राचार्य ज्ञान दत्त सहित तमाम आचार्यगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अतुल सिंह ने किया

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