पिंडरा, वाराणसी।
अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शनिवार को विकास खण्ड मुख्यालय मंगारी पर धरना देते हुए राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन दिया।धरने को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की ही भांति उत्तर प्रदेश में भी ग्रामीण गरीबों की हालत बहुत ही खराब है। एक तो रोजगार नहीं मिल रहा है ऊपर से बढ़ती महंगाई जानलेवा साबित हो रही है।
उत्तर प्रदेश की सरकार दशकों से बसे हुए ग्रामीण गरीबों को उजाड़ फेंक रही है तथा बसने के लिए भूमिहीनों पात्र गरीबों को आवास के लिए जमीन देने की जगह बेदखल कर रही है। उत्तर प्रदेश में बिजली सबसे महंगी दी जाती है, बावजूद इसके बिल के वसूली के लिए ग्रामीण गरीबों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
उक्त मजदूर सभा द्वारा ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन के माध्यम से 5 मूलभूत मांग जिसमें मनरेगा में 200 दिन काम व ₹600 मजदूरी दिया जाए, हर हाल में गरीबों को जाब कार्ड दिया जाए, प्रत्येक गांव में आवासहीनों एवं भूमिहीनों की सूची प्रकाशित किया जाए, किसी भी कीमत पर गरीबों के आवास पर बुल्डोजर न चलाया जाय, बिजली बिल माफ किया जाए एवं गरीबों को 200 यूनिट बिजली फ्री दिया जाए। प्रत्येक वृद्ध, विकलांग एवं विधवाओं को ₹3000 मासिक पेंशन दिया जाए। राष्ट्रपति को सम्बोधित मांगपत्र को बीडीओ को सौंपा। धरने में अमरनाथ राजभर, मिठाई लाल, गुलाब शर्मा, अशोक कुमार, साजन, भोथू रामबली, विनय, सुशीला, विमला व विद्या देवी शामिल रही।
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