अंबेडकरनगर: पत्रकार रज़ा अब्बास की दादी की छमाही की मजलिस को मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने गांव दाउदपुर में पढ़ी
इस मजलिस में मौलाना ने कहा कि दहशतगर्दी में इंसानियत खत्म हो रही है।हम सब को इंसानियत को बचाना है और इंसानियत का पाठ लोगो को पढ़ना है।आज अगर दुनिया इस्लाम को समझ ले तो लोग समझ जाएंगे कि इस्लाम का दहशतगर्दी से कोई सम्बन्ध नहीं है।इस्लाम को समझना है तो पैगम्बर मुहम्मद साहब के परिवार की शिक्षा ग्रहण करनी पड़ेगी।इस्लाम इनके परिवार वालो से मिलेगा ना की किसी और से।करबला के मैदान में पैगम्बर मोहम्मद के नवासे इमामे हुसैन ने जो अज़ीम कुर्बानी दी है वो सिर्फ इंसानियत के लिए ताकि लोगो को पता चल जाए कि कोई हुकूमत इंसानियत को ख़त्म नहीं कर सकती है।ज़ालिम हुकूमतों के सामने सर कटा दिया जाय पर झूकाया ना जाए। मौलाना ने कहा कि हर इंसान को इमामे हुसैन की शिक्षा पर चलना चाहिए और अपनी ज़िन्दगी में इसको अपनाना चाहिए।आखिर में मौलाना ने करबला वालो के मसायब बयान किय जिससे मजलिस में मौजूद लोगों की आंखों में आंसू अा गए।

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