रोज़ा आफ्तार के कार्यक्रम में डा0 इन्दु चौधरी ने कहा कि आरक्षण नहीं अधिकार की बात करें मुस्लिम।

शकील रिजवी

लखनऊ-माहे मुबारक रमजान में समाज में मोहब्बत और आपसी भाईचारा कायम रखने के मकसद से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अंग्रेजी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.इंदू चौधरी और कम्बर जफर की ओर से बुधवार को रोजा-इफ्तार का आयोजन किया गया। हजरतगंज स्थित एक होटल में आयोजित रोजा-इफ्तार में बड़ी संख्या में रोजेदारों के साथ ही दलित, पिछड़े समुदाय के लोगों ने शिरकत कर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। 

इस अवसर पर डॉ.इंदू चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि मौजूदा समय में लोगों को जाति-धर्म में बांट कर सत्ता की राजनीति की जा रही है,जो न ही देश और न ही जनता के हित में है।ऐसे समय में सबको जाति-धर्म का भेद समाप्त कर एकजुट होना होगा और बंटवारे की राजनीति को नकारना होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के सामने बहुत चुनौतियां हैं। उन्होंने मुसलमानों से फिरकों का भेद समाप्त कर सिर्फ मुसलमान बनने और सच्चर कमेटी की सिफारिशों के क्रियान्वयन के लिए आवाज उठाने की मांग की।डॉ. चौधरी ने कहा कि अगर सच्चर कमेटी की सिफारिशें मान ली जाएं और मुसलमान एकजुट हो कर दलित,पिछड़ों के साथ खड़ा हो जाए तो इन्हें तरक्की से कोई नहीं रोक सकता।उन्होंने कहा कि मुसलमान आरक्षण की नहीं अधिकार की बात करे, सभी मसलों का हल उसी में है।

पत्रकार शकील रिज़वी और ताहिर रिज़वी डा0 इंदु चौधरी से वार्ता करते हुए

डॉ.चौधरी ने कहा कि रमजान का महीना हमें त्याग,बलिदान, एकता और एक-दूसरे के दुख-दर्द और खुशी-गम को समझने का सबक देता है।रोजा-इफ्तार में आए अतिथियों व रोजेदारों का कम्बर जफर ने धन्यवाद देते हुए दलित-पिछड़ा-मुस्लिम एकता पर काम करने की अपील की और कहा कि यह वर्ग आज भी जुल्म का शिकार हो रहे हैं और अपने मूल अधिकारों से वंचित हो रहे हैं।इन वर्गों को अपने अधिकार हासिल करने के लिए एकजुट होना समय की जरूरत है।रोजा-इफ्तार में मुख्य रूप से बसपा नेता इंतिजार आब्दी बॉबी,अस्करी रिजवी,मिश्री लाल,इंजीनियर महेंद्र प्रताप सिंह,मौलाना हबीब हैदर,अलइमाम वेलफेयर एसोसिएशन के इमरान हसन सिद्दीकी,अली हैदर,सरफराज खान,कल्बे हसन,अजमी रिजवी,मुर्तजा रिजवी सहित अन्य लोग शामिल थे।


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