साधू के सामान हो न्यायाधीश की जीवन शैली - डा सुनील कुमार सिंह

उन्नाव : एक सफल न्यायाधीश के लिए उसकी जीवन शैली साधू के सामान होनी चाहिए और उसकी कार्य शैली की गति घोड़े की तरह होनी चाहिए | उक्त बातें सी डी ऍफ़ टी सी उन्नाव के सिविल जज एवं सदस्य कार्यकारिणी उत्तरप्रदेश न्यायिक सेवा संघ के सिविल जज डा सुनील कुमार सिंह ने जिला न्यूज़ से एक भेंट वार्ता में कही | उन्होंने कहा की न्यायिक सेवा संघ के आगामी 10 , 11 मार्च को संघ द्वारा आयोजित इकतालिसवे  अधीवेशन व् चुनाव में महा सचिव पद के प्रत्याशी के रूप में न्यायिक प्रतिष्ठान उन्नाव की इकाई द्वारा समर्थित प्रत्याशी हूँ | इसलिए मेरी यह नैतिक जिम्मेदारी है की समाज को अपनी न्यायिक सेवा से न्याय प्रदान कर इसे और बेहतर बनाएं और अधूरे कार्यों को निष्कर्ष तक पहुंचाएं |यदि चुनाव जीतने के बाद मेरी पहली प्राथमिकता होगी की सभी न्यायिक अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करवाना, समय से पदोन्नति करवाना अधिकारियों को ए सी पी का भुक्तान करवाना , सभी नव नियुक्त अधिकारियों को 3 वर्ष तक कोटे में छूट दिलवाना , महिला अधिकारी को 164 सी आर पी सी का बयान अंकित करवाने पर कोटा दिलवाना , प्राचीन पत्रावली में पुरानी व्यवस्था के अनुसार कोटा दिलवाना तथा न्यायिक अधिकारी को अपना मकान ,फ़्लैट ,के लिए ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाना जिससे वह अपने सम्पूर्ण सेवा काल में एक बार आवेदन कर पाए की अमुक जनपद के आवास विकास / विकास  प्राधिकरण की योजना में उसके लिए आवास वरीयता के आधार पर लौटरी की प्रक्रिया से मुक्त करते हुए आवंटित कर दिया जाय | इसलिए आप सभी से अनुरोध है की आगामी 10 ,11 मार्च को होने वाले उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ द्वारा आयोजित इकतालिसवे  अधिवेशन व चुनाव में अपना बहुमूल्य मत देकर महा सचिव पद के लिए आशीर्वाद प्रदान करें |

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