25 लाख रूपये के लालच में बना हत्यारा।राजधानी के नाका थानाक्षेत्र में हुई हत्या का खुलासा

लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र में 20 जनवरी को हुई थी वारदात
                         फोटो सज्जाद बाकर

लखनऊ।
गोसाईंगंज स्थित जिला जेल में तैनात बंदीरक्षक लक्ष्‍मण प्रसाद गोस्‍वामी का पुत्र लक्ष्‍मीकांत गोस्‍वामी 20 जनवरी को नाका थाना क्षेत्र में हुए व्‍यापारी की पत्‍नी वीना मेहरोत्रा की हत्‍या का आरोपी निकला।राजधानी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए मामले के खुलासे का दावा किया है। एसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि लक्ष्‍मीकांत राजीव मेहरोत्रा के यहां से 25 लाख रुपये लूटने की नियत से घुसा था,लेकिन तभी उनकी पत्‍नी वीना ने उसे वारदात करते देख लिया।पकड़े जाने के डर से उसने वीना की निर्मम हत्‍या कर दी थी।
साईंपुरम बंकी निकट संजय मैरिज हाल थाना कोतवाली बाराबंकी का रहने वाला 32 वर्षीय लक्ष्‍मीकांत पिछले चार साल से राजीव मेहरोत्रा के यहां नौकरी कर रहा था।इसी बीच लक्ष्‍मीकांत को जानकारी हुई की राजीव मेहरोत्रा को चिट-फंड से 25 लाख रुपये मिले हैं, जो घर में ही रखे गए हैं।इसे लूटने के लिए उसने योजना बनाई।रोज की तरह वह अपने घर बाराबंकी से निकला और नाका पहुंच गया।यहां पर जब राजीव मेहरोत्रा दुकान के लिए निकल गए तभी वह मौका पाकर घर में घुस गया।आरोपी ने बताया कि जिस समय वह घर में घुस रहा था वीना ऊपर से नीचे आ रही थी इसलिए वह उसे अंदर आते नहीं देख पाईं।आमना-सामना होने पर लक्ष्‍मीकांत ने रुपये की मांग की इसपर वीना ने राजीव से रुपये मांगने की बात कही और फोन करके उन्‍हें जानकारी देने का प्रयास किया।पकड़े जाने के डर से उसने वीना को जोरदार धक्‍का दिया।इससे वह वहीं गिर गईं।दोनों के बीच काफी देर तक हाथापाई होती रही और मौका पाकर लक्ष्‍मीकांत ने रसोई में रखा चाकू उठाया और एक के बाद एक कई वार कर दिए।
आरोपी को लगा कि वीना कहीं बच ना जाए इसलिए उसने उसके हाथ की कलाई की नस भी काट दी।इस घटना से वीना का खून उसके जैकेट, दस्‍ताने में लग गया जिसे उसने बाथरूम में जाकर साफ किया था।जैकेट को उसने अपने बैग में पैक किया और कमरे में रखी अलमारी को तोड़ने का प्रयास किया। आरोपी ने हार, कंगन, सोने की चूड़ी, चांदी की करधन सहित 20 हजार रुपये की लूट करते हुए नीचे बनी दुकान में छिपा दिया।जिसे वह मौका देखकर ले जाता।

              सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
वारदात करने के बाद आरोपी लक्ष्‍मीकांत लूट को अंजाम दे पाता कि उसके पहले ही वीना के भैया-भाभी दरवाजे पर आ गए और वीना के मोबाइल पर दरवाजा खोलने के लिए फोन करने लगे।इसी बीच वह अपने को बचाने के लिए आनन-फानन में ऊपरी मंजिल पर गया और बगल वाले कोचिंग की छत पर कूदकर नीचे पहुंच गया।इसके बाद वह तेजी से बाहर निकला। इसकी पूरी रिकॉर्डिंग कोचिंग में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।इसके बाद वह रकाबगंज की ओर भागा और कुछ देर बाद घटना स्‍थल पर आ गया।पुलिस ने कोचिंग संचालक से मामले की सीसीटीवी फुटेज बरामद की है।उसे न्‍यायालय में साक्ष्‍य के रूप में पेश करेगी।

           हत्‍या कर श्राद्ध कर्म में भी हुआ शामिल

आरोपी लक्ष्‍मीकांत गोस्‍वामी ने वीना मेहरोत्रा की हत्‍या करने के बाद लगातार उनके घर आता-जाता रहा।इतना ही वह वीना के श्राद्ध कर्म में भी शामिल हुआ और बड़े आराम से पुलिस की एक-एक गतिविधि पर नजर बनाए रखा।हालांकि उसने अपने मालिक राजीव मेहरोत्रा को एक नए नंबर से फोन पर देर से आने की जानकारी दी थी।इसलिए पुलिस ने उस नंबर को खंगाला तो वह नंबर नाका के आसपास की लोकेशन पर था। इसके बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिली।साक्ष्‍य मिलने के बाद पुलिस ने आरेापी लक्ष्‍मीकांत को सोमवार की रात मामा स्‍वीट के पास से गिरफ्तार कर लिया।

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