जीवन में आने वाला हर कष्ट अपने पीछे सुख लेकर आता हैः योगी देवनाथ

जौनपुर। जीवन में आने वाला हर कष्ट अपने पीछे सुख लेकर आता है। अंधेरा आता है तो अपने बाद प्रकाश लाता है। रात्रि के पश्चात् सबेरा आता है परन्तु जीव यदि प्रतीक्षा करते हुये अंधेरा का समय व्यतीत करता है तो वह प्रतिक्षा उस कष्ट देती है परन्तु स्वमं प्रयास से अधंरे का दूर करने का प्रयास हो तो सबेरा अति आनन्द देता है। जीवन के कष्ट को हम खुशी से व्यतीत करें तो वह कष्ट का समय भी हमें आनन्द देता है। यह प्रयास सद्गुरू  द्वारा ही सम्भव है। सद्गुरू कोई व्यक्ति या परिस्थिति या किसी के विचार भी हो सकते हैं। राधा श्रीकृष्णा की गुरू भी हैं और सखी भी, इसीलिये राधा के बिना कृष्ण अधुर है। उक्त विचार नगर के टैगोर नगर में स्थित रामलीला के मैदान पर आयोजित किस्मत वालों को मिलता है श्याम तेरा दरबार नामक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में योगी देवनाथ जी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर आशीष गुप्ता, कृष्णा जायसवाल, भाष्करानन्द शुक्ल, ओमजी सहाय, श्याम मोहन अग्रवाल, केएन सिंह एडवोकेट, मनद सिंह, राधा श्रीवास्तव, डा. ब्रम्हेष शुक्ला, लोकेश वैश्य, माधुरी गुप्ता, मोहन शंकर, जगदीश गाढ़ा आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।

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