
संगठन के पदाधिकारियों ने ने कहा कि बैंकों का निजीकरण न किया जाय, बैंकों को मर्ज न किया जाय। कॉरपोरेट सेक्टर के एनपीए ऋणों को राइट ऑफ न किया जाय। एनपीए की रिकवरी के लिए पार्लियामेंट्री के निर्देशों को लागू करें। खराब ऋणों की वसूली के लिए मैनेजमेंट एक्जक्यूटिव की जवाबदेही तय किया जाय। एफआरडीआइ बिल को वापस लें। बैंक बोर्ड ब्यूरो को समाप्त किया जाय। कॉर्पोरेट के एनपीए को बैंक चार्ज बढ़ाकर कस्टमर पर न थोपा जाय। जीएसटी के नाम पर सर्विस चार्ज न बढ़ाने, नोटबंदी के कारण हुए खर्च कर प्रतिपूर्ति सरकार करे। कर्मचारी व अधिकारी से जुड़े नोटबंदी के मामले को हल किया जाय। बैंक के निदेशालय में कर्मचारी व अधिकारी की नियुक्ति करने, अनुकंपा आधारित नियुक्त करने, पेमेंट ऑफ ग्रेच्यूटी एक्ट में संशोधन करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त ग्रेच्यूटी को आयकर से छूट देने के साथ ही सभी संवर्गों में नियमानुसार कर्मचारियों के नियुक्ति की मांग की गई है।
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