किसानों को लाभ और कृषि स्नातकों को मिलेगा रोजगार

जौनपुर। उपनिदेशक कृषि अशोक उपाध्याय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 को किसान वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों एवं कृषि स्नातकों की उन्नति के लिए वन स्टाफ योजना को क्रियान्वित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर एग्री जक्सन के बैनर तले खुलने वाले इस केन्द्र पर जहां एक छत के नीचे किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर खाद बीज दवा मिलेगी। केन्द्र किराये पर लघु कृषि यंत्र भी मुहैया कराना चाहती है और कृषि स्नातकों की तरक्की के विषय में भी सोच रही है। कृषि विभाग द्वारा प्रयोग किये जाने वाले वन स्टाम्प में किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा मुहैया करायी जायेगी। उर्वरकों के प्रयोग की संस्तुति की जायेगी। उच्च गुणव्तता के बीज, उर्वरक, जैव उर्वरक, माइक्रोन्युट्रिएन्ट वर्मी कम्पोस्ट, कीटनाशक रसायन तथा जैव कीटनाशक सहित समस्त कृषि निवेशों की आपूर्ति होगी। लघु कृषि यन्त्रों को यहां किराये पर भी उपलध कराया जायेगा। प्रसार सेवाओं में कृषि क्षेत्र निर्देशन का भी कार्य होगा। वन स्टाफ शाप का मालिकाना हक कृषि स्नातकों को ही मिलेगा। सरकार ने स्नातकों के लिये कई सुविधा देने का भी एलान किया है। वन स्टाफ शाप के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की अर्हता में जिले का निवासी होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त कृषि व्यवसाय प्रबन्धन में स्नातक की डिग्री एवं उम्र 40 वर्ष से अधिक न हो। एस.सी.एस.टी के लिए 5 वर्ष की छुट अनुमन्य है। विकास खण्ड जलालपुर, बरसठी एवं बक्शा के अभ्यर्थियों को वरीयता दी जायेगी। वन स्टाफ शाप के लिए अभ्यर्थी को 50 हजार मात्र स्वयं खर्च करने होगें तथा तीन लाख 50 हजार बैंक से ऋण मिलेगा। इस योजना में कृषि स्नातकों को सरकार की ओर से खाद बीज एवं कृषि रसायनों की बिक्री का लाइसेंस की प्रतिपूर्ति अधिकतम 3 हजार रूपया दिया जायेगा। बैंक से प्राप्त लोन पर अनुदान 42 हजार 3 वर्षों के प्रस्तावित कार्य हेतु दिया जायेगा। वन स्टाफ शाप परिसर का किराया पर 50 प्रतिशत माह अधिकतम 1000 की दर से 12 महीने का 12 हजार रूपया अनुदान देय होगा। अभ्यर्थियों का चयन जिलास्तरीय जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी के द्वारा किया जायेगा। आवेदन-पत्र उपनिदेशक कृषि भवन में 31 मई तक किसी भी कार्य दिवस में जमा किया जा सकता है।

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