
भाजपा नेता ने राजद अध्यक्ष पर जमीन के बदले काम में मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 28 सितंबर 2006 को ए. के. इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी गठित हुई, जिसमें अमित कात्याल और उनके भाई राजेश कात्याल एवं अन्य निदेशक थे। जून 2014 में यादव के दोनों पुत्रों तेजप्रताप यादव (पर्यावरण एवं वन मंत्री), तेजस्वी प्रसाद यादव (उप मुयमंत्री) तथा दो पुत्रियां चंदा यादव और रागिनी लालू को निदेशक बनाया गया। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद वर्ष 2014 में ही ए. के. इंफोसिस्टम्स की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी तेजस्वी और राबड़ी देवी को दे दी गई।
उन्होंने इस कंपनी के शेयरों के हस्तांतरण का ब्योरा देते हुए कहा कि 24 सितंबर 2011 से 29 सितंबर 2012 के बीच राजेश कात्याल ने महेश शर्मा को 500 शेयर हस्तांतरित किए। बाद में 13 जून 2014 को शर्मा ने 10 रुपए अंकित मूल्य के 500 शेयर और अमित कात्याल ने अपने 3500 शेयर राबड़ी देवी को तथा 1500 शेयर तेजस्वी को हस्तांतरित कर दिए। इस प्रकार लालू परिवार का ए. के. इंफोसिस्टम्स पर और इस कंपनी की आड़ में करोड़ो रुपए मूल्य की जमीन पर पूरी तरह से कब्जा हो गया।
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