104वाँ ऐतिहासिक भरत मिलाप धूमधाम से सम्पन्न
जौनपुर, 9 अक्टूबर। जौनपुर की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक 104वाँ ऐतिहासिक भरत मिलाप बुधवार को नगर के पुरानी बाजार में बड़े ही भव्य और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।श्रीराम और भरत का दिव्य मिलन देखकर हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। नगरभर में पूरे दिन उत्सवी माहौल बना रहा। जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा और भक्ति संगीत के साथ किया गया।
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर सहभागिता की। सदियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है।
कार्यक्रम में निकली भव्य झांकी ‘लाग’ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसे देखने के लिए न केवल नगर से बल्कि आसपास के जिलों व ग्रामीण अंचलों से भी हजारों लोग जौनपुर पहुँचे। रंग-बिरंगे रथ, आकर्षक सजावट और भक्ति धुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुख्य अतिथि मा० श्री रण प्रकाश पाण्डेय ‘मुन्ना प्रधान’ ने कहा –
“भरत मिलाप हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में त्याग, सेवा, निष्ठा और भाईचारे का अद्भुत संदेश देने वाला उत्सव है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने मूल्यों से जोड़ते हैं।”
नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ० रामसूरत मौर्या ने बताया –
“104वाँ भरत मिलाप ऐतिहासिक रहा। इसमें विभिन्न जिलों से भी भव्य झांकियाँ और लाग आईं। सभी ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।”आयोजन समिति अध्यक्ष श्री उमेश चन्द्र गुप्ता ने कहा –
“लगातार 104 वर्षों से जौनपुर की धरती पर भरत मिलाप का आयोजन होना गौरव की बात है। यह हमारी धरोहर और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। श्रद्धालुओं का उत्साह इस आयोजन को और ऐतिहासिक बना देता है।”
विशिष्ट अतिथि मा० सुनील यादव ‘मम्मन’ ने कहा –
“भरत मिलाप भाईचारे और पारिवारिक मूल्यों की सीख देता है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ता है।”
मुख्य प्रवक्ता प्रो. आर. एन. त्रिपाठी (BHU, वाराणसी) ने कहा –
“भरत मिलाप त्याग और मर्यादा का उत्सव है। जौनपुर की यह परंपरा केवल क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है।”
धार्मिक अनुष्ठान, मंचन और झांकियों के बीच सम्पन्न इस आयोजन में श्रद्धालु देर रात तक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि भरत मिलाप जौनपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और साझा संस्कृति का जीवंत उदाहरण है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से अधिवक्ता मंजू शास्त्री, जगदीश मौर्य ‘गप्पू’, नितेश सिंह, लेखा अधिकारी आलोक गुप्ता, संचालन राजदेव यादव, आरिफ हबीब, पूनम मौर्या, रतन कुमार साहू (कोषाध्यक्ष), हर्ष कुमार साहू (मंत्री), सोनू साहू (व्यवस्थापक), कपिल चतुर्वेदी (सूचना मंत्री), प्रखर साहू (व्यवस्थापक), विक्की साहू (सह महामंत्री), श्री उमेश चंद्र गुप्ता (अध्यक्ष), डॉ० रामसूरत मौर्या (महामंत्री) आदि उपस्थित रहे ।
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