आवास निर्माण में अवैध वसूली के खिलाफ बीडीसी ने की जांच की मांग

जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के अटरा शंकरगढ़ ग्राम पंचायत के 11 में से 8 निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को प्रेषित शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि बगैर खुली बैठक के फर्जी प्रस्ताव पर ग्राम पंचायत में मानक के विपरीत कार्य कराया जा रहा है। आवास निर्माण में 20000 रूपये वसूलने का ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुये जांच की मांग की गयी जिस पर अपर जिलाधिकारी राजेन्द्र मिश्रा ने खण्ड विकास अधिकारी बक्शा रामसुंदर भारती को जांच का आदेश दिया। बता दें कि निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्य कमलेश विश्वकर्मा, मोहम्मद हनीफ, मतोली राम, वीरेन्द्र प्रताप तिवारी, उषा विश्वकर्मा, विजय बहादुर यादव, प्रभा सिंह, मनीषा एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य धनंजय तिवारी ने जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया कि 2015 से आज तक ग्राम प्रधान द्वारा कभी भी खुली बैठक नहीं बुलायी गयी और न ही हम सदस्यों से कभी किसी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराया गया है। ऐसे में इनके द्वारा फर्जी प्रस्ताव पर काम कराया जा रहा है। दशम वित्त एवं राज्य वित्त के कार्यों में लगी ईंट मानक के विपरीत हैं। आवास निर्माण में 20000 रूपये की अवैध वसूली ग्राम प्रधान द्वारा की जा रही है। मनरेगा के तहत फर्जी मजदूरों को भुगतान करके गबन किया जा रहा है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग जिलाधिकारी से किया जिस पर अपर जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी बक्शा को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुये जांच का आदेश दिया। इस सम्बन्ध में ग्राम पंचायत सदस्यों का कहना है। यदि इस पर कार्यवाही न हुई तो हम सभी अपना त्याग पत्र देने को मजबूर होंगे।

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