जौनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर के निर्देशन में जनपद में चलाए जा रहे “समग्र अभियान” के तहत बुधवार को जिले के सभी थानों की थानावार कार्यवाही एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा का उद्देश्य अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना रहा।
समीक्षा के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अभियान के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। घोषित अपराधियों, एनबीडब्ल्यू एवं स्थायी वारंटियों तथा वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने, अनसुलझी घटनाओं का शीघ्र अनावरण करने, अपहृत/अपहृता की सकुशल बरामदगी तथा लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर विशेष जोर दिया गया।
अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट एवं एनएसए के तहत आवश्यक कार्रवाई, पात्र अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने, गैंग पंजीकरण एवं माफिया चिन्हांकन की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। आपराधिक इतिहास वाले शस्त्र लाइसेंसधारकों के लाइसेंस निरस्तीकरण तथा दुर्दांत अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
इसके अलावा अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा के लिए थाना क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था एवं निगरानी, महत्वपूर्ण चौराहों-तिराहों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने तथा आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कम्युनिटी पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक, आपत्तिजनक एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने और मामला संज्ञान में आने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को “समग्र अभियान” के निर्धारित बिंदुओं पर नियमित समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने और पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया।
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